Saraswati Mata Ni Aarti | सरस्वती माता नी आरती

Saraswati Mata Ni Aarti | सरस्वती माता नी आरती – माँ सरस्वती की आराधना और स्तुति के लिए इस पोस्ट में आरती का प्रकाशन किया गया है. विद्यार्थियों तथा अन्य लोग जो किसी भी तरह का ज्ञान अर्जन करना चाहतें हैं. वे इस आरती के माध्यम से सरस्वती माता की स्तुति करें.

माँ सरस्वती ज्ञान, विद्या, कला आदि की देवी हैं. सम्पूर्ण श्रद्धा और भक्ति के साथ माँ सरस्वती की आराधना और स्तुति करें.

Saraswati Mata Ni Aarti | सरस्वती माता नी आरती

|| माँ सरस्वती की आरती ||

जय वागिश्वरी माता, जय जय जननी माता,

पद्मासनी भवतारिणी, पद्मासनी भवतारिणी अनुपम रस दाता

जय वागिश्वरी माता ……

हंसवाहिनी जलविहारिणी, अलिप्त कमल समी, अलिप्त कमल समी

ईन्द्रादि किन्नरने, ईन्द्रादि किन्नरने सदा तुं हृदये गमी.

जय वागिश्वरी माता……

तुजथी पंडित पाम्या, कंठ शुद्धि सहसा, कंठ शुद्धि सहसा.

यशस्वी शिशुने करतां, यशस्वी शिशुने करतां सदा हसित मुखा.

जय वागिश्वरी माता……

ज्ञान ध्यान दायिनी, शुद्ध ब्रह्म कृपा, शुद्ध ब्रह्म कृपा.

अगणित गुणदायिनी, अगणित गुणदायिनी विश्वे छो अनूपा.

जय वागिश्वरी माता……

ऊर्ध्वगामिनी मां तुं, ऊर्ध्वे लइ लेजे, ऊर्ध्वे लइ लेजे

जन्म मरण ने टाळी, जन्म मरण ने टाळी आत्मिक सुख देजे.

जय वागिश्वरी माता……

रत्नमयी ऐँ रुपा, सदाय ब्रह्म प्रिया, सदाय ब्रह्म प्रिया.

कर कमले वीणाथी, कर कमले वीणाथी शोभो ज्ञान प्रिया.

जय वागिश्वरी माता……

दोषो सहुना दहतां, अक्षय सुख आपो, अक्षय सुख आपो.

साधक इच्छित अर्पी, साधक इच्छित अर्पी शिशु उरने तर्पो.

जय वागिश्वरी माता……

सम्पूर्ण श्रद्धा और भक्ति के साथ Saraswati Mata Ni Aarti | सरस्वती माता नी आरती के माध्यम से सरस्वती माता की स्तुति करें.

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