Sumatinath Bhagwan Ki Aarti सुमतिनाथ भगवान की आरती

Sumatinath Bhagwan Ki Aarti सुमतिनाथ भगवान की आरती – श्री सुमतिनाथ भगवान जैन धर्म के 5वें तीर्थंकर हैं.

इस पोस्ट में हम श्री सुमतिनाथ भगवान की आराधना और स्तुति के लिए आरती का प्रकाशन कर रहें हैं.

आप श्री सुमतिनाथ भगवान की आराधना के लिए Sumatinath Chalisa पांचवें तीर्थंकर श्री सुमतिनाथ की चालीसा का सम्पूर्ण भक्ति भाव के साथ पाठ भी अवस्य करें. उसके पश्चात श्री सुमतिनाथ भगवान की आरती करें.

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    Sumatinath Bhagwan Ki Aarti सुमतिनाथ भगवान की आरती

    || श्री सुमतिनाथ जी की आरती ||

    जय सुमतिनाथ देवा, स्वामी सुमतिनाथ देवा।
    करुँ तुम्हारी आरती स्वामी मेटो अघ मेरा।

    मात मंगला पिता मेघरथ, तिनके प्रभु जन्मे।
    स्वामी तिनके प्रभु जन्मे

    धन्य हुआ है नगर अयोध्या, देव जहाँ उतरे।
    जय सुमतिनाथ देवा

    सुमतिनाथ की प्रतिमा है यह अतिशय दिखलाती।
    स्वामी अतिशय दिखलाती

    भक्ति भाव से जो कोई पूजे, आतम तर जाती।
    जय सुमतिनाथ देवा

    श्री सुदर्शन को सपने में, प्रतिमा दिखलाई।
    स्वामी प्रतिमा दिखलाई

    भूमि भीतर प्रतिमा बैठी, भूमि खुदवाई।
    जय सुमतिनाथ देवा

    सुमतिनाथ प्रकट हुए है, चमत्कार की जीत।
    स्वामी चमत्कार की जीत

    वीर निर्वाण चौबीस चौहत्तर, फाल्गुन शुक्ला तीज।
    जय सुमतिनाथ देवा

    चारों ओर हुआ जयकारा, श्रावक हर्षाया।
    स्वामी श्रावक हर्षाया

    भव्य जिनालय रैवासा में, प्रभु को बैठाया।
    जय सुमतिनाथ देवा

    इक दिन मुनि सुधासागर जी, दर्शन को आये।
    स्वामी दर्शन को आये

    देख अतिशय सुमतिनाथ का, अतिशय गुण गाये।
    जय सुमतिनाथ देवा

    घोषित किया नाम भव्योदय, क्षेत्र रैवासा।
    स्वामी क्षेत्र रैवासा

    भव्योदय का अतिशय है यह, देवों का वास।
    जय सुमतिनाथ देवा

    भूत पलितो का संकट जो, दर्शन से टलता।
    स्वामी दर्शन से टलता

    नाना सुख वैभव को पाकर, सबको दुःख हरता।
    जय सुमतिनाथ देवा

    कर्म के मारे दुखिया आते, चरणों में पड़ते।
    स्वामी चरणों में पड़ते

    निर्मल मन से आरती करते, सुखिया हो जाते।
    जय सुमतिनाथ देवा

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    विडियो

    श्री सुमतिनाथ भगवन की आरती (Shree Sumatinath Bhagwan Ki Aarti) विडियो निचे दिया हुआ है. इस विडियो को यहीं देखने के लिए प्ले का बटन दबाएँ.

    सुमतिनाथ भगवान की आरती

    श्री सुमतिनाथ भगवान जैन धर्म के पांचवे तीर्थंकर हैं. इनका जन्म इक्ष्वाकु वंश में हुआ था. इनके पिता का नाम मेघरथ और माता का नाम सुमंगला था.

    सुमतिनाथ भगवान ने काम्पिल नामक स्थान पर जन्म लिया था और इन्होने सम्मेद शिखर पर मोक्ष को प्राप्त किया था.

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